रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने मिलकर किया VL-SRSAM मिसाइल का परीक्षण

    हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने मिलकर 24 जून 2022 को  “वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल" (VL-SRSAM) का ओडिशा के तट पर स्थित चांदीपुर समेकित परीक्षण से सफलतापूर्वक उड़ान का परीक्षण किया| यह परीक्षण भारतीय नौसैनिक पोत (INS) से 24 जून, 2022 को किया गया| (VL-SRSAM)एक प्रकार का भारतीय नौसैनिक पोत पर तैनात की जाने वाली खतराक हथियार प्रणाली है, जो समुद्र-स्किमिंग लक्ष्यों के साथ  एक रेंज की दूरी तक के विभिन्‍न हवाई खतरों को बेअसर कर सकती है।



    इस मिसाइल का सर्वे एक उच्च गति वाले हवाई विमान के ऊपर  सफलतापूर्वक किया गया। आईटीआर चांदीपुर द्वारा तैनात कई ट्रैकिंग उपकरणों का उपयोग करते हुए और हेल्‍थ पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए हवाई विमान  के उड़ान पथ की निगरानी की गई। इस मिसाइल के सर्वे की निगरानी डीआरडीओ और भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। 


About(VL-SRSAM):

    (VL-SRSAM) एक त्वरित जगह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है जो भारतीय नौसेना के लिये रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा स्वदेशी प्रकार से बनाया और विकसित किया गया|  जिसका उद्देश्य यह है की समुद्री-स्किमिंग के लक्ष्यों सहित भारतीय सीमा के निकट पर विभिन्‍न हवाई खतरों को विफल करना है।

    (VL-SRSAM) मिसाइल 50 sec./km की स्पीड से चलती है और सक्रिय रडार होमिंग के माध्यम से मिड्कोर्स जड़त्वीय निर्देशन की सुविधा है। (VL-SRSAM) हवाई खतरों के खिलाफ भारतीय नौसेना के जहाज़ों की रक्षा और क्षमता को बढ़ावा देगा। (VL-SRSAM) ने भारतीय नौसैनिक जहाज़ों पर हथियार प्रणालियों के एकीकरण का मार्ग भी जबरजस्त किया है।


विकास:

    रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रमुख इकाइयां जैसे “रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला” (DRDL) तथा अनुसंधान केंद्र इमारत (११८7) और अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान आदि ने सिस्टम के विकास में योगदान दिया है।


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